नेमा कुल्फी सेंटर का लाइसेंस निलंबित, महाकाल लोक के फूड जोन में खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन,
श्रावण मास में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए एमपी के उज्जैन पहुंच रहे लाखों श्रद्धालुओं की सेहत को लेकर खाद्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने महाकाल लोक के फूड जोन में सघन निरीक्षण अभियान चलाया।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर एक प्रतिष्ठान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। खाद्य विभाग की टीम ने नेमा कुल्फी सेंटर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टोरेज एरिया में गंदगी और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक प्रतिष्ठान में लाइसेंस की शर्तों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम ने यहां से फालूदा और कुल्फी के सैंपल जब्त किए। इसके साथ ही खाद्य विभाग ने नेमा कुल्फी सेंटर का लाइसेंस निलंबित कर दिया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए लिए गए नमूनों को आगे परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
खाद्य अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने कहा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरी, गंदगी और अमानक खाद्य सामग्री के खिलाफ खाद्य विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा।
श्रावण मास में महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में फूड जोन और आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। विभाग का कहना है कि निरीक्षण अभियान के जरिए खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है। महाकाल लोक के फूड जोन से पहले खाद्य विभाग की टीम ने देवासगेट स्थित महादेव भाटी भंडार और सपना स्वीट्स का भी निरीक्षण किया था।
यहां भी खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर कार्रवाई की गई। खाद्य अधिकारी बसंत दत्त शर्मा के मुताबिक शहरवासियों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है और मिलावटखोरी व अमानक खाद्य सामग्री के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल नेमा कुल्फी सेंटर का लाइसेंस निलंबित होने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप है।