Sagar- खुरई में सरकारी जमीन हस्तांतरण पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल, जांच की मांग
सागर जिले के खुरई में सरकारी जमीन को बंसल ग्रुप को हस्तांतरित किए जाने का मामला अब सियासी तूल पकड़ता नजर आ रहा है। जमीन हस्तांतरण को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार कमलेश सतनामी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और हस्तांतरण को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अंशुल सिंह परिहार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खुरई में पुराने सिटी हॉस्पिटल, पशु चिकित्सालय, तहसील कार्यालय और नगर पालिका परिसर जैसी महत्वपूर्ण सरकारी जमीन को निजी संस्था को हस्तांतरित किया गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि जिस जमीन का बाजार मूल्य काफी अधिक है, उसका हस्तांतरण कथित तौर पर उससे काफी कम मूल्य पर किया गया। पार्टी ने जमीन के मूल्य और हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ये जमीनें लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी रही हैं। ऐसे में इन्हें निजी संस्था को हस्तांतरित किया जाना सार्वजनिक हित के विपरीत है। कांग्रेस ने इसे सार्वजनिक उपयोग की जमीन के निजीकरण का मामला बताते हुए हस्तांतरण तत्काल रद्द करने की मांग रखी है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि जमीन हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। साथ ही जमीन को दोबारा सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने जमीन हस्तांतरण के मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। फिलहाल सरकारी जमीन के हस्तांतरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बाद खुरई में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन कांग्रेस की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और जमीन हस्तांतरण को लेकर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।