जिंदा युवक को सरकारी पोर्टल पर कर दिया मृत ! डेढ़ साल से राशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा विकास
सागर जिले के खुरई के बरोदिया नोनागर गांव में सरकारी रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां करीब 30 वर्षीय विकास साहू को राशन पोर्टल पर मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि विकास पूरी तरह जीवित हैं। सरकारी रिकॉर्ड में मृत होने के कारण उन्हें राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है और वह पिछले करीब डेढ़ साल से अपने परिवार के हक का राशन पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
विकास साहू के मुताबिक उनके छोटे भाई आकाश की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद पंचायत स्तर पर रिकॉर्ड से आकाश का नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर रोजगार सहायक की गलती से विकास का नाम भी मृत व्यक्तियों की सूची में दर्ज हो गया।
एक गलती ने विकास और उनके परिवार के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी। राशन पोर्टल पर नाम मृत दर्ज होने के बाद सरकारी सिस्टम में विकास जीवित व्यक्ति के तौर पर दर्ज नहीं दिख रहे हैं। इसका सीधा असर उनके परिवार को मिलने वाले राशन पर पड़ा है। विकास का कहना है कि गलती सुधरवाने के लिए वह पिछले करीब डेढ़ साल से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। मामले में ग्राम पंचायत सचिव गोविंद कुर्मी ने भी रिकॉर्ड में गलती होने की बात स्वीकार की है। उनका कहना है कि पोर्टल पर सुधार कराने का प्रयास किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि आखिर एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज करने की गलती कैसे हुई और इसे सुधारने में इतना लंबा समय क्यों लग गया? तकनीकी और प्रशासनिक स्तर की इस कथित लापरवाही का खामियाजा विकास के साथ उनके पूरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है। राशन जैसी जरूरी सुविधा के लिए एक जीवित व्यक्ति को खुद को जीवित साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। फिलहाल विकास को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग जल्द से जल्द सरकारी पोर्टल पर दर्ज इस गलती को सुधारकर उन्हें राशन का लाभ दिलाएगा। लेकिन यह मामला सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया और उसकी निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।