सागर- स्कूल मर्ज के विरोध में जनसुनवाई पहुंची बच्चों की टोली, बोले 5 किलोमीटर दूर स्कूल जाना मुश्किल
सागर जिले के बीना ब्लॉक में प्राथमिक स्कूलों के मर्ज किए जाने का विरोध अब बच्चों की आवाज बनकर सामने आया है। 13 प्राथमिक स्कूलों को दूसरे स्कूलों में मर्ज किए जाने से नाराज आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे जनसुनवाई में पहुंच गए। बच्चों ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी बताई और स्कूलों को पहले की तरह संचालित करने की मांग की। ग्रामीणों और बच्चों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि जिन प्राथमिक स्कूलों को दूसरे स्कूलों में मर्ज किया गया है, उन्हें यथास्थिति में संचालित किया जाए, ताकि छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े।
खिसौदा गांव से पहुंचे बच्चों ने बताया कि उनके गांव का प्राथमिक स्कूल देवल में मर्ज कर दिया गया है। देवल गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए रोजाना इतनी दूरी तय करना आसान नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते में जंगल और तालाब भी पड़ते हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। खासकर छोटे बच्चों को अकेले स्कूल भेजना मुश्किल होगा और हर दिन उन्हें स्कूल पहुंचाने के लिए परिवार के सदस्यों को भी साथ जाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की दूरी बढ़ने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए रोजाना पांच किलोमीटर दूर स्कूल जाना बड़ी चुनौती बन सकता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि स्कूल गांव के पास नहीं रहा तो कुछ बच्चे पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं। जनसुनवाई में बच्चों की मौजूदगी ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया। बच्चों ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी और स्कूल को गांव में ही संचालित करने की मांग की।
मामले को लेकर अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि स्कूल मर्ज किए जाने के निर्णय की दोबारा जांच कराई जाएगी। बच्चों की सुविधा और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की बात कही गई है। फिलहाल ग्रामीणों और बच्चों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्कूलों के संचालन को लेकर राहत देगा। अब देखना होगा कि दोबारा जांच के बाद प्रशासन क्या फैसला करता है।