कलेक्टर का औचक निरीक्षण, दो कर्मचारी निलंबित, जिला अस्पताल में एक्सपायर दवाएं और बंद फ्रीजर मिले
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार सुबह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टोर में एक्सपायर डेट की दवाएं मिलीं, कई फ्रीजर बंद पाए गए और दवाओं के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए और जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान कई सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी की शिकायत सामने आ रही थी। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि दवाओं की डिमांड दमोह भेजी गई है, लेकिन दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं। इसी के बाद जिला अस्पताल के स्टोर रूम की स्थिति जांचने के लिए कलेक्टर ने औचक निरीक्षण किया।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2025 के तीन और वर्ष 2026 के 39 डिमांड पत्र लंबित पड़े हैं। कलेक्टर के मुताबिक जरूरी दवाओं को समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्टॉक की जांच में छह दवाओं में विसंगति मिली। कुछ दवाएं निर्धारित मात्रा से अधिक, तो कुछ कम पाई गईं। वहीं, जिन दवाओं को फ्रीजर में सुरक्षित रखना जरूरी था, उन्हें बंद फ्रीजर में रखा पाया गया। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि गलत तरीके से रखी गई दवाओं का इस्तेमाल मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
शासन के निर्देशों के मुताबिक दवाओं की आवक-जावक का रिकॉर्ड एमपी औषधि पोर्टल पर दर्ज किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने सीएमएचओ को व्यवस्था सुधारने और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सीएमएचओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान 16 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सभी के तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान एक युवक ने भी कलेक्टर से शिकायत की कि उसकी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी के बाद नवजात की मौत हो गई और अस्पताल के डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। कलेक्टर ने तत्काल सिविल सर्जन को मामले की जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा निरीक्षण में लापरवाही मिली तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।