ताप विद्युत गृह में लाखों की चोरी से हड़कंप, SE ने चीफ इंजीनियर पर लगाया साजिश का आरोप
एमपी के उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह से जुड़ा एक हाईप्रोफाइल मामला सामने आया है। यहां पदस्थ सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर यानी SE वीरेंद्र कुमार सिंह बघेल के सूने सरकारी आवास का ताला तोड़कर चोर लाखों रुपये के सामान और हथियार लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, वहीं मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब SE ने अपने ही विभाग के मुख्य अभियंता पर चोरी की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। जानकारी के मुताबिक वीरेंद्र कुमार सिंह बघेल 7 अगस्त से अपनी पत्नी के साथ इलाज के सिलसिले में गृह जिले रीवा गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने उनके सूने सरकारी आवास को निशाना बनाया। घर का ताला टूटा होने की सूचना मिलने पर वे तत्काल पाली पहुंचे।
SE के मुताबिक घर से करीब 10 तोला सोना, ढाई लाख रुपये नकद, लगभग चार लाख रुपये कीमत की दो बंदूकें और करीब 25 हजार रुपये की एयर गन चोरी हुई है। हथियारों की चोरी की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वारदात की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घर और दरवाजों से संभावित फिंगरप्रिंट के नमूने जुटाए, जबकि डॉग स्क्वाड की मदद से आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों और सुरागों की तलाश की गई। मामले में तब नया मोड़ आया, जब SE वीरेंद्र कुमार सिंह बघेल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी और एक अन्य व्यक्ति रामसिंह बघेल पर चोरी की साजिश रचने का आरोप लगाया।
हालांकि मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि घटना के समय वे वहां मौजूद नहीं थे और यदि SE के पास कोई सबूत हैं तो जांच में सामने आ जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुए तबादले और चोरी से हुए नुकसान के तनाव के कारण संभव है कि SE ने ऐसे आरोप लगाए हों। फिलहाल पुलिस चोरी के साथ-साथ लगाए गए साजिश के आरोपों की भी जांच कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस की जांच में चोरी के आरोपियों तक पहुंच पहले बनती है या अधिकारियों के बीच लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आती है।