जमीन बचाने पानी में सत्याग्रह फिर भूख हड़ताल से बिगड़ी तबियत, अस्पताल पहुंचने पर भाई ने संभाली कमान
अपनी जमीन बचाने के लिए एक युवक पानी में भूख हड़ताल पर बैठ गया। आश्वासन तो मिला लेकिन न्याय नहीं मिला। भूख हड़ताल पर बैठने वाले युवक की तबियत बिगड़ गयी है जिसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जिसके बाद अब उसके बड़े भाई में मोर्चा संभाल लिया है मामला एमपी के रीवा जिले का है। बता दें की गुढ़ थाना क्षेत्र के बेला गांव में जमीन बचाने और मुआवजे की मांग को लेकर देशराज मिश्रा द्वारा विरोध किया जा रहा है। वह पानी में बैठकर प्रदर्शन कर रहा था। जिस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फोन पर बात कर उसे भरोसा दिलाया था। वहीं कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर सत्याग्रह ख़त्म कराया था। लेकिन किसान पानी से निकलकर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
बताया गया की बेला गांव में अडानी कंपनी की हाईटेंशन विद्युत लाइन को लेकर शुरू हुआ विरोध बढ़ता जा रहा है। पैतृक भूमि से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के एवज में उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे भू-स्वामी के पुत्र देशराज मिश्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देशराज के अस्पताल पहुंचने के बाद उनके बड़े भाई वेंकटेश मिश्रा ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन की कमान संभाली।
मुआवजे और अपनी जमीन से जुड़े विवाद को लेकर देशराज ने लगातार तीन दिनों तक पानी से भरे गड्ढे में बैठकर जल सत्याग्रह किया। खुद रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी प्रशासनिक अमले के साथ देर रात मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने समस्याएं सुनकर जल्द निराकरण और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। जिससे देशराज ने जल सत्याग्रह ख़त्म कर दिया था। लेकिन ठोस कार्यवाई न होने पर अगले दिन भूख हड़ताल शुरू की गई। लेकिन युवक की तबियत बिगड़ते चली गयी। डॉक्टरों ने जांच कर हालत गंभीर बताई। और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं अब देशराज के बाद उसके बड़े भाई वेंकटेश मिश्रा ने धरना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। जमीन और उचित मुआवजे से जुड़ी मांगों का समाधान न होने तक विरोध जारी रहने की बात कही गयी।------