समाज की अनोखी पहल,शादी-सगाई समेत आयोजनों में नहीं बजेंगे डीजे,चार परिवारों ने बुकिंग भी रद्द कर दी
शादी और सगाई जैसे समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची को लेकर सएक माज ने जो पहल की शुरुआत की, उसकी जमकर सराहना की जा रही है। समाज के लोगों ने तय किया है की शादी समेत अन्य आयोजनों में अब डीजे नहीं बजाये जाएंगे। यहां तक चार परिवारों ने तो डीजे की बुकिंग ही रद्द कर दी। इस पहल की शुरुआत एमपी के खंडवा जिले में की गयी है। बताया गया की सामाजिक आयोजनों में बढ़ती फिजूलखर्ची और ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने को लेकर श्री तिरोले कुनबी पटेल समाज ने इसकी शुरुआत की। जिसे शादी से लेकर सगाई और सभी सामाजिक आयोजनों में डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध का निर्णय लिया गया।
जिसका कोहदड़ गांव के युवाओं ने स्वागत करते हुए इसे धरातल पर लागू करने की पहल भी शुरू कर दी है। दरअसल बीते 16 अगस्त को ओंकारेश्वर धर्मशाला में समाज की बैठक हुई थी। जिसमें अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया और शादी समेत अन्य आयोजनों में डीजे नहीं बजाने पर सहमति बनी। जिसका नतीजा ये हुआ की इस निर्णय से प्रभावित होकर कोहदड़ गांव के चार परिवारों ने अपनी शादी समारोह के लिए पहले से कराई गई डीजे की बुकिंग निरस्त करवा दी। जिनमें आकाश पटेल, माखन पटेल, विनय पटेल और राजकुमार पटेल शामिल हैं। इस निर्णय का समर्थन करने को लेकर समाज की ओर से चारों परिवारों का सम्मान भी किया गया।
समाज के लोगों के मुताबिक डीजे पर प्रतिबंध लगाने से शादी और सगाई जैसे आयोजनों में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची कम होगी। देर रात तेज आवाज में डीजे बजने से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर भी रोक लगेगी। बुजुर्गों, छात्रों और मरीजों को परेशानी नहीं होगी। तो पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सामाजिक रीति-रिवाजों को भी बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं के द्वारा की गयी इस पहल की सराहना की जा रही है। वहीं समाज के वरिष्ठ लोगों का कहना है की अगर युवा इस तरह के फैसलों को स्वाकार करते हैं तो इसके अच्छे परिणाम देखने मिलते हैं।