तेंदुए के खाल की तस्करी का पर्दाफाश, अधिकारी सवालों से बचते नज़र आये, मुख्य सरगना गिरफ्तार
बीते कुछ दिनों पहले वन्य प्राणियों के शिकार के बाद उनकी खाल की तस्करी किये जाने का पर्दाफाश हुआ था। तेंदुए की खाल के साथ शिकारी पकड़े गए थे। मामला एमपी के शिवपुरी जिले का है। जिसके तार शिवपुरी और श्योपुर से जुड़ रहे हैं l मामले में वन विभाग के अधिकारी बोलने से कतरा रहे हैं। साथ ही सवालों से बचते भी नज़र आये।
दरअसल आगरा की एसटीएफ पुलिस ने कार्यवाई कर आरोपी भगवान सिंह उर्फ़ सलीम और वसीम से पूछताछ की थी। जिसमें एनजीओ के सीईओ कार्तिक नारायण का नाम सामने आया था। टीम ने कार्तिक नारायण को नोटिस भेजकर शिवपुरी में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए l आरोपियों का दावा था की कार्तिक नारायण के निर्देश पर वह वन्य प्राणियों का शिकार कर रहे थे l जिस पर टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने बोला था। लेकिन 17 अगस्त को वह शिवपुरी नहीं पहुंचे। अधिकारियों से बात करने पर वह बचते नज़र आये। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के अधिकारी भुवनेश कुमार योगी बिना जवाब दिए बिना चलते बने। जानकारी के मुताबिक स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स STSF और केंद्रीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने तेंदुए की खालों और अवशेषों की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी भगवान सिंह उर्फ सलीम, निवासी बिजवासन (दक्षिण पश्चिम दिल्ली), दिल्ली पुलिस का बर्खास्त कर्मचारी है। उसे बीते 11 अगस्त को नई दिल्ली से पकड़ा गया था।
बताया गया की यूपी के आगरा में तस्करों को 10 नग तेंदुए की खालों के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके तार मध्यप्रदेश से जुड़े होने पर STSF और स्थानीय वन विभाग की टीमों ने त्वरित जांच शुरू की। 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर श्योपुर और मुरैना जिलों से तेंदुए के भारी मात्रा में अवशेष, कंकाल और शिकार में प्रयुक्त 3 विशेष लेग होल्ड ट्रैप फंदे जप्त किए थे। मुख्य सरगना भगवान सिंह उर्फ सलीम को शिवपुरी स्थित विशेष न्यायालय में पेश कर फॉरेस्ट रिमांड पर लिया जाएगा। जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।-