कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर खत्म कराया जल-सत्याग्रह 72 घंटे पानी में बैठा रहा किसान,जमीन बचाने की जिद
जमीन बचाने की मांग को लेकर एमपी के रीवा के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के बेला गांव में एक युवक ने ऐसा विरोध प्रदर्शन किया, जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया। अपनी और अन्य किसानों की जमीन बचाने की मांग को लेकर युवक करीब 72 घंटे तक खेत में भरे पानी के बीच बैठा रहा। लगातार पानी में रहने और खाना-पीना छोड़ देने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी खुद मौके पर पहुंचे और बातचीत के बाद जल-सत्याग्रह समाप्त कराया। बेला गांव में जमीन विवाद को लेकर किसान परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। प्रदर्शन कर रहे युवक का आरोप है कि अडानी समूह की ओर से उनकी निजी कृषि भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। युवक ने कंपनी के अधिकारियों और संबंधित अमले पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है। उसका दावा है कि विरोध करने पर उसे झूठी एफआईआर में फंसाने की धमकी दी गई।
जमीन बचाने और न्याय की मांग को लेकर युवक ने खेत में जमा पानी को ही अपने आंदोलन का स्थल बना लिया। देखते ही देखते विरोध का यह तरीका चर्चा में आ गया। युवक लगातार तीन दिनों तक पानी में बैठा रहा। बताया गया कि इस दौरान उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया था। लंबे समय तक पानी में बैठे रहने से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। युवक की हालत खराब होने की जानकारी प्रशासन तक पहुंची तो कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी अधिकारियों के साथ बेला गांव पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवक और उसके परिजनों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली।
कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि जमीन विवाद की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और मामले में उपलब्ध दस्तावेजों तथा तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके साथ ही करीब 72 घंटे से चल रहा जल-सत्याग्रह समाप्त हो गया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई और जमीन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकला, तो वे दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति शांत है, लेकिन जमीन विवाद का अंतिम समाधान जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।