प्रसिद्ध नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु, सिर्फ नाग पंचमी के दिन ही होते हैं दर्शन
साल भर में सिर्फ एक दिन ही ऐसा होता है जब देर रात 24 घंटे के लिए मंदिर के पट खोले जाते हैं। और दिन पूरा होते है इसके पट बंद कर दिए जाते हैं। ये मंदिर उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर है जहां दर्शनों के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। देश भर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। बता दें की नाग पंचमी के पावन मौके पर मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट शुभ मुहूर्त में खोले गए। यह मंदिर साल में केवल एक बार नाग पंचमी के मौके पर 24 घंटे के लिए खुलता है।
बताया गया की पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत विनीतगिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर का पूजन-अभिषेक किया। प्राचीन प्रतिमा और शिवलिंग का अभिषेक कर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान संभाग आयुक्त आशीष सिंह, अध्यक्ष और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक और अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक समेत मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे। पूजन-अभिषेक के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। जहां देर रात से ही श्रद्धालु भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। नाग पंचमी के विशेष संयोग को लेकर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भगवान नागचन्द्रेश्वर की प्रतिमा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से काफी विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन का विशेष महत्व है। इसी को लेकर देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
मंदिर समिति और प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्थाएं की हैं। श्रद्धालुओं के आने-जाने और भीड़भाड़ को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। 17 अगस्त की रात 12 बजते ही मंदिर के पट बंद कर दिए जायेंगे जो अगले साल खुलेंगे।------