घनी पहाड़ियां, चुनौतीपूर्ण दुर्गम रास्ते, आस्था का केंद्र बनी ये जगह, दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु
घनी पहाड़ियां, दुर्गम और चुनौतीपूर्ण रास्ते, बारिश, फिसलन और सकंरी पहाड़ियों की चुनौतियां, लेकिन मन में आस्था और ऐसी श्रद्धा की कदम भी बस अपने आप ही चल पढ़ते हैं। यहां बात एमपी के अमरनाथ कहे जाने वाली नागद्वारी यात्रा की। जहां इन दिनों आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने मिल रहा है। ये जगह नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी स्थित सतपुड़ा की घनी पहाड़ियों के बीच है जिसे नागद्वारी के नाम से जाना जाता है। यहां बाबा नागराज और वासुकी महादेव के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र,छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अब तक करीब पांच लाख यहां पहुंच चुके हैं। बताया जाता है की यहां की यात्रा आसान नहीं होती, जंगल और पहाड़ी क्षेत्र के बीच बने दुर्गम रास्तों से श्रद्धालुओं को पैदल गुजरना पड़ता है। कहीं संकरी पगडंडियां हैं तो कहीं सीढ़ियों और खड़ी चढ़ाई का सामना करना पड़ता है। सावन की बारिश में कई जगहों पर फिसलन बढ़ गई है। जिससे यात्रा काफी कठिन हो जाती है। बावजूद इसके लोग आगे बढ़ते जाते हैं। नागद्वारी यात्रा हर साल सावन में नागपंचमी के आसपास होती है। इस बार यात्रा 8 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक चल रही है। जिससे श्रद्धालुओं में ख़ासा उत्साह रहता है। कई राज्यों से लोग यहाँ आ रहे हैं।
वहीं श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ को लेकर प्रशासन ने इंतजाम किये हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस,होमगार्ड और रेस्क्यू टीमें तैनात हैं। मेडिकल आपातकाल जैसी सुविधाएं भी हैं। प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे।
नागद्वारी की यात्रा बिल्कुल भी आसान नहीं है। क्योंकि दुर्गम रास्ते,पहाड़ियां और बारिश के बीच यात्रा करनी पड़ती है आस्था के साथ-साथ सुखद रोमांच की अनुभूति भी होती है इसलिए ये जगह बेहद ख़ास मानी जाती है।--