MP | 3 साल की बच्ची के गले से सोने की हाय और लॉकेट चोरी, अब पुलिस बोली अपराधी पकड़कर लाओ
एमपी के विदिशा जिले के गंज बासौदा रेलवे स्टेशन पर तीन साल की मासूम बच्ची के गले से सोने की हाय, चाकू और लॉकेट काटने के मामले में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि वारदात के करीब दो सप्ताह बाद भी दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार जब कार्रवाई की जानकारी लेने जीआरपी थाने पहुंचा तो कथित तौर पर उन्हें ही आरोपी को पकड़कर लाने की बात कह दी गई।
दरअसल, करीब दो सप्ताह पहले गंज बासौदा रेलवे स्टेशन पर दो आरोपियों ने तीन साल की बच्ची को निशाना बनाया था। आरोपियों ने बच्ची के गले से सोने की हाय, चाकू और लॉकेट काट लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
विदिशा जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया था। उसके पास से सोने की हाय और चाकू बरामद किया गया। बाद में बरामद सामान गंज बासौदा जीआरपी को सौंपकर पीड़ित परिवार से उसकी पहचान भी कराई गई। लेकिन परिवार का आरोप है कि मामले में शामिल दूसरे आरोपी और चोरी गए पूरे सामान की अब तक बरामदगी नहीं हुई है।
मामले की आगे की कार्रवाई और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित परिवार के साथ नगर के जैन समाज के संगठन अभय सेना के सदस्य गंज बासौदा जीआरपी थाने पहुंचे। आरोप है कि यहां उन्हें स्टाफ की कमी का हवाला दिया गया। कथित तौर पर कहा गया कि अगर आरोपी की पहचान सभी लोग कर रहे हैं तो उसे पकड़कर ले आइए।
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि पहले पकड़े गए आरोपी को भी छोड़ दिया गया। पुलिस की ओर से इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं, लोगों का कहना है कि जब तक दूसरा आरोपी नहीं पकड़ा गया था, तब तक पहले आरोपी को नहीं छोड़ा जाना चाहिए था।
परिजनों का आरोप है कि चोरी किए गए सामान में कीमती पत्थर जड़ा लॉकेट भी शामिल है, जो अभी तक बरामद नहीं हुआ। वहीं पुलिस की ओर से कथित तौर पर स्टाफ की कमी बताते हुए विदिशा में वरिष्ठ अधिकारी महेंद्र सिंह शाक्य से संपर्क करने की बात कही गई है। फिलहाल इस मामले में पीड़ित परिवार पुलिस से दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी गए पूरे सामान की बरामदगी की मांग कर रहा है। अब देखना होगा कि जीआरपी इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है।