कॉलेज संचालक को हुआ संदेह,जांच करने पर फर्जी निकली 11 छात्रों की मार्कशीट, फर्जीवाड़े का खुलासा
कॉलेज में बीएड के प्रवेश की प्रक्रिया जारी थी। लेकिन 11 आवेदनों के साथ जो मार्कशीट लगी हुई थी वह संदेह के घेरे में आ गई। कॉलेज संचालक को ऐसी आशंका होने पर जब उन्होंने सत्यापन कराया तो वह कूट रचित तरीके से बनाई हुई निकली। जिससे बीएड एडमिशन फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिससे 11 प्रवेश निरस्त किये गए हैं। मामला एमपी के ग्वालियर के प्रेस्टन कॉलेज का है। ऑनलाइन किए गए 11 आवेदनों में संलग्न मार्कशीट कूट-रचित यानि (फर्जी और हेरफेर की गई पाई गई हैं।
बताया जा रहा है की सभी आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेजों का शुरूआती सत्यापन पहले हो चुका था। लेकिन प्रेस्टन कॉलेज के संचालक प्रबोध त्रिपाठी को मार्कशीटों की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ। मामले की शिकायत उच्च शिक्षा विभाग से की गई। जिस पर विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। टीम कॉलेज पहुंची और जांच सही पाई गई। इस दौरान सामने आया की मैरिट में हेरफेर कर बीएड में प्रवेश पाने के उद्देश्य से मार्कशीट में बदलाव किया गया था। एक मामला ऐसा भी था जिसमें आवेदक ने किसी अन्य छात्र की मार्कशीट ही आवेदन के साथ संलग्न कर दी थी। जांच के बाद सभी 11 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। जिनमें 8 पुरुष और 3 महिला छात्र शामिल हैं। इनमें 10 अनुसूचित जाति (SC) और 1 अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का छात्र है। सभी आवेदक जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध अलग-अलग कॉलेजों के छात्र बताए गए हैं।
मामले में हैरानी वाली बात ये है की आखिर शुरुआत में ये बात पकड़ में क्यों नहीं आई। ऐसे में दस्तावेजों के सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया में संभावित सांठगांठ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग को सौंपेगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है।-