रामदेवरा जाने वाले भक्तों के लिए निशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था, भक्ति के साथ सेवा की मिसाल
भारत की आध्यात्मिक परंपरा में भक्ति के साथ सेवा का भी विशेष महत्व है। सावन के महीने में जहां हजारों श्रद्धालु कांवड़ लेकर धार्मिक यात्राओं पर निकल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाबा रामदेवरा के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में भक्त लंबी यात्रा कर रहे हैं। ऐसे ही श्रद्धालुओं की सेवा के लिए एमपी के सागर संभाग के नागदा में मां भद्रकाली मंदिर समिति ने सराहनीय पहल की है। यहां रामदेवरा जाने वाले भक्तों के लिए निशुल्क भोजन, चाय, पानी और ठहरने की व्यवस्था की गई है। नागदा के इस मार्ग से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा रामदेवरा की यात्रा पर निकलते हैं। कई भक्त हजारों किलोमीटर का सफर तय कर अपने आराध्य के दर्शन के लिए जाते हैं। लंबी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन और विश्राम की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मां भद्रकाली मंदिर समिति की ओर से राम रसोड़े की व्यवस्था की गई है।
मंदिर समिति के इस सेवा कार्य के तहत राहगीर श्रद्धालुओं को बिना किसी शुल्क के भोजन कराया जा रहा है। इसके साथ ही चाय और पानी की व्यवस्था भी निशुल्क रखी गई है। दूर-दराज से आने वाले भक्त यदि रात में विश्राम करना चाहते हैं तो उनके लिए ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मंदिर समिति का कहना है कि यह सेवा पिछले कई वर्षों से लगातार संचालित की जा रही है। उद्देश्य यही है कि धार्मिक यात्रा पर निकलने वाले किसी भी श्रद्धालु को रास्ते में भोजन या विश्राम के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। यहां पहुंचने वाले भक्तों के लिए सेवा भावना के साथ व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मंदिर पुजारी भुनेश्वर शर्मा के मुताबिक राम रसोड़ा पूरी तरह निशुल्क है। श्रद्धालुओं को भोजन और चाय उपलब्ध कराने के साथ ही रात में रुकने की इच्छा रखने वाले भक्तों के लिए भी व्यवस्था की गई है। नागदा से गुजरने वाले भक्तों के लिए यह राम रसोड़ा धार्मिक आस्था के साथ मानवीय सेवा का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालु यहां कुछ देर रुककर भोजन और विश्राम करने के बाद अपनी यात्रा आगे जारी कर रहे हैं।