BIRLA नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का हंगामा, गेट का ताला तोड़कर प्रिंसिपल चैंबर में धरना
एमपी के ग्वालियर के बीआईएमआर बिरला नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब उन्होंने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली और पढ़ाई में देरी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और प्रिंसिपल चैंबर में पहुंचकर अनशन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर गोला का मंदिर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। दरअसल, बीआईएमआर बिरला नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का आरोप है कि वे पिछले तीन वर्षों से कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल एक साल की अधूरी डिग्री ही मिल सकी है। छात्राओं का कहना है कि लगातार हो रही देरी के कारण उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। वहीं उम्र बढ़ने के चलते उन्हें अपने करियर को लेकर भी चिंता सता रही है।
विरोध की शुरुआत कॉलेज के मुख्य द्वार से हुई। छात्राएं मीडियाकर्मियों के साथ कॉलेज पहुंचीं तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इससे छात्राएं आक्रोशित हो गईं और उन्होंने गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। इसके बाद छात्राओं ने परिसर में प्रवेश कर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे की जानकारी मिलते ही एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पवन शर्मा भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं की समस्याएं सुनीं और कॉलेज प्रिंसिपल से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पवन शर्मा और उनके साथियों ने छात्राओं के साथ प्रिंसिपल चैंबर में ही जमीन पर बैठकर अनशन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि वे गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों से आती हैं। कॉलेज में फीस जमा करने के बावजूद शैक्षणिक सत्र में देरी के चलते उनका भविष्य अधर में लटक गया है। छात्राओं ने जल्द समाधान की मांग की है। वहीं कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट और न्यायालय के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पवन शर्मा ने चेतावनी दी है कि छात्राओं की मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। फिलहाल कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है।