ऑनलाइन हाजिरी देने के लिए उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे शिक्षक
लगातार बारिश के बीच शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी का मुद्दा अब सुरक्षा से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है। जिले में नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण इलाकों में रास्ते बेहद मुश्किल हो गए हैं। इसी बीच ममोनी गांव में पदस्थ कुछ शिक्षकों का बहती नदी पार कर स्कूल जाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शिक्षक जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आ रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि अगर इस दौरान कोई हादसा होता है,
तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? एमपी के शिवपुरी जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई रास्तों पर पानी का तेज बहाव है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में ममोनी गांव में पदस्थ शिक्षकों को भी स्कूल पहुंचने के लिए मुश्किल रास्तों से गुजरना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शिक्षक बहती नदी को पार करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के जरिए शिक्षकों ने अपनी परेशानी सामने रखी है। उनका कहना है कि स्कूल में ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था के तहत निर्धारित स्थान पर पहुंचकर मोबाइल के जरिए उपस्थिति दर्ज करनी होती है। ऐसे में रास्ते बंद होने या नदी-नालों में तेज बहाव होने के बावजूद स्कूल पहुंचने का दबाव महसूस हो रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह ऐसी स्थिति बन जाती है, जहां स्कूल तक पहुंचने के लिए नदी, नाले या रपट पार करनी पड़ती है। सामान्य दिनों में रास्ता आसानी से तय हो जाता है, लेकिन बारिश के दौरान यही रास्ते जानलेवा हो जाते हैं। वायरल वीडियो के साथ शिक्षकों ने चिंता जताई है कि अगर उफनती नदी या नाले को पार करते समय उनके साथ कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग या सरकार की होगी।
शिक्षकों का यह भी कहना है कि वे अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट रहे हैं। वे बारिश और खराब रास्तों के बावजूद स्कूल पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सवाल उनकी सुरक्षा का है। अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था और बारिश के दौरान शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बारिश और बाढ़ जैसे हालात में ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता को लेकर स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? क्योंकि ड्यूटी जरूरी है, लेकिन किसी शिक्षक की जान जोखिम में डालकर हाजिरी लगवाना भी गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।