MP | 18 लाख की चोरी का खुलासा, एक बाल अपचारी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार; 15.40 लाख कैश बरामद
एमपी के ग्वालियर में हिंदुस्तान लीवर एजेंसी के कार्यालय से हुई करीब 18 लाख रुपए की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच और जनकगंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक विधि-विरुद्ध बालक समेत पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 15 लाख 40 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। वहीं चोरी की बाकी रकम और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ जारी है। मामला जीवाजीगंज स्थित हिंदुस्तान लीवर एजेंसी कार्यालय का है। फरियादी संजय कुमार बंसल ने पुलिस को बताया था कि कार्यालय के ड्रॉअर में करीब 18 लाख रुपए नकद और एक चांदी का सिक्का रखा था। 9 अगस्त की रात कार्यालय बंद कर कर्मचारी घर चले गए थे। इसी दौरान पड़ोसी ने कार्यालय की तरफ से संदिग्ध आवाज आने की सूचना दी।
हालांकि उस समय कार्यालय के ताले बाहर से सही नजर आ रहे थे। अगले दिन सुबह जब कार्यालय खोला गया तो ताला टूटा मिला और ड्रॉअर में रखी नकदी तथा चांदी का सिक्का गायब था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच, जनकगंज थाना पुलिस, तकनीकी सेल और CCTV टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस ने भारत उर्फ भूरा जाटव और जितेंद्र उर्फ टिक्की उर्फ जीतू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चोरी की रकम बरामद की। पुलिस ने जोगेंद्र जाटव को लक्ष्मीगंज और विवेक यादव को ललितपुर से गिरफ्तार किया। वहीं एक विधि-विरुद्ध बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में भारत उर्फ भूरा जाटव, उम्र 36 वर्ष, तारागंज; विवेक यादव, उम्र 22 वर्ष, सिंधिया नगर; जितेंद्र उर्फ टिक्की उर्फ जीतू, उम्र 26 वर्ष, श्रीनगर कॉलोनी; जोगेंद्र जाटव, उम्र 50 वर्ष, तारागंज और एक विधि-विरुद्ध बालक शामिल है। फिलहाल पुलिस ने 15.40 लाख रुपए नकद बरामद कर लिए हैं। शेष रकम और चोरी में इस्तेमाल अन्य साधनों को लेकर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात की पूरी योजना कैसे बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।