MP | 12 साल बाद खुला 17 साल के कृष्णा के कत्ल का राज, लूट का विरोध किया तो चाकू से गला काटकर हत्या
एमपी के इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में करीब 12 साल पहले हुए 17 वर्षीय कृष्णा के अंधे कत्ल का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों अकील उर्फ नाइट्रा और आरिफ उर्फ नाइट्रा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने लूट के इरादे से कृष्णा की हत्या करना स्वीकार किया है। वहीं वारदात में शामिल तीसरे आरोपी परवेज की पहले ही मौत हो चुकी है। दरअसल, 17 अप्रैल 2015 को खजराना बायपास के पास 17 वर्षीय कृष्णा का शव मिला था। मामले में खजराना थाने में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया, लेकिन उस समय आरोपी अज्ञात होने के कारण पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी पहचान करना थी। करीब 12 साल तक यह मामला अनसुलझा रहा।
पुलिस के मुताबिक हाल ही में मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस आरोपियों तक पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में कथित तौर पर वारदात की पूरी कहानी सामने आई। पुलिस के अनुसार अकील, आरिफ और परवेज ने कृष्णा को लिफ्ट देने के बहाने अपने साथ लिया और खजराना बायपास के पास सुनसान मैदान में ले गए। वहां आरोपियों ने उसके साथ नशा किया। इसके बाद कृष्णा के पास मौजूद सोने का लॉकेट, चांदी की चेन-पेंडल और नकदी लूट ली।
पुलिस का कहना है कि जब कृष्णा ने लूट का विरोध किया तो आरोपी अकील ने उसके गले पर चाकू से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने से कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल समेत अन्य साक्ष्यों को जलाने और छिपाने की कोशिश की और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही पर लूट का सामान, चेन, लॉकेट, मोटरसाइकिल और अन्य सामग्री बरामद करने की बात कही है। दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। अकील के खिलाफ इंदौर और उज्जैन के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, मारपीट और हत्या के प्रयास समेत कई मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं आरिफ के खिलाफ भी लूट और चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और उनके संभावित आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। करीब 12 साल बाद कृष्णा हत्याकांड का राज खुलने से पुलिस को इस पुराने ब्लाइंड मर्डर की जांच में बड़ी सफलता मिली है।