कलेक्टर को जब केले लेकर पहुंचा जितेंद्र, जनसुनवाई में मदद मिली तो बदली जिंदगी, जताया आभार
जनसुनवाई में अपनी परेशानी लेकर पहुंचने वाले कई लोग मदद मिलने के बाद अधिकारियों का आभार जताने फूल या मिठाई लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार एक युवक अपने साथ केले लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा। यह कहानी है जितेंद्र की, जिसने करीब एक महीने पहले आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी और अब अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार का जीवन यापन कर रहा है। दरअसल, एमपी के इंदौर जिले के निवासी जितेंद्र किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहा है और उसे नियमित रूप से डायलिसिस करवाना पड़ता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके सामने इलाज का खर्च उठाना बड़ी चुनौती बन गया था। करीब एक माह पहले जितेंद्र कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचा और कलेक्टर से उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।
जितेंद्र ने सिर्फ इलाज के लिए मदद ही नहीं मांगी, बल्कि यह भी कहा कि यदि उसे कोई छोटा व्यवसाय शुरू करने में सहायता मिल जाए तो वह अपने परिवार का खर्च खुद उठा सकेगा। उसकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने डायलिसिस के लिए सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उसे फल बेचने का ठेला लगाने में भी मदद की। मदद मिलने के बाद जितेंद्र ने फल और फ्रूट बेचने का काम शुरू कर दिया। अब वह अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करने की कोशिश कर रहा है। इलाज के साथ रोजगार का सहारा मिलने से उसके जीवन में नई उम्मीद जगी है।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जितेंद्र एक बार फिर पहुंचा, लेकिन इस बार उसकी मांग लेकर नहीं, बल्कि आभार लेकर। वह अपने साथ केले लेकर आया और कलेक्टर को भेंट करते हुए मदद के लिए धन्यवाद दिया। जितेंद्र का कहना है कि प्रशासन से मिली सहायता ने उसे मुश्किल समय में सहारा दिया। अब वह काम करके अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने की कोशिश कर रहा है।
वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने जितेंद्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जरूरतमंद लोगों की हरसंभव मदद की जाए। इसी भावना के तहत जितेंद्र की भी सहायता की गई। जनसुनवाई में पहुंची जितेंद्र की यह छोटी-सी भेंट उस मदद की बड़ी तस्वीर दिखाती है, जिसने एक जरूरतमंद व्यक्ति को इलाज के साथ आत्मनिर्भर बनने की नई राह दी।