छात्रावास में नाबालिग छात्र के गंभीर आरोप, अधीक्षक को पूछताछ के लिए थाने ले गई पुलिस
इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास में रहने वाले 16 वर्षीय नाबालिग छात्र ने छात्रावास अधीक्षक पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने छात्रावास अधीक्षक को पूछताछ के लिए थाने ले जाकर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला एमपी के सागर संभाग के छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। यहां संचालित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास में रहने वाले नाबालिग छात्र ने अधीक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद पुलिस टीम छात्रावास पहुंची और वहां मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। इसके बाद छात्रावास अधीक्षक को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की हर पहलू से जांच कर रही है। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस बेहद संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है। पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही छात्रावास परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटनाक्रम से संबंधित कोई अन्य साक्ष्य या प्रत्यक्ष जानकारी सामने आती है या नहीं। जरूरत पड़ने पर छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। चूंकि शिकायतकर्ता की उम्र 16 वर्ष बताई जा रही है, इसलिए मामला POCSO कानून के तहत जांच के दायरे में आता है। पुलिस नाबालिग से जुड़े मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई कर रही है। हालांकि, छात्रावास अधीक्षक पर लगाए गए आरोपों की अभी पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई है। CCTV फुटेज, बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।