आपका रक्तदान किसी की ज़िंदगी को दे सकता है नई रौशनी, न्यायाधीश की पहल पर कई लोगों ने किया रक्तदान
कहते हैं की सबसे बड़े दानों में से एक रक्तदान होता है। ब्लड डोनेट करने वाला भी खुश होता है और पाने वाला खुशनसीब, इसी तरह जब न्यायाधीश ने पहल की तो इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। खुद तहसीलदार न्यायालय परिसर से रक्तदान करने पहुंचे। इस दौरान पचास यूनिट से ज्यादा ब्लड डोनेट किया गया। तस्वीरें छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र की हैं।
दरअसल बक्सवाहा सामुदायिक अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। जिसका आयोजन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सत्यम असाटी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में हुआ। इस मौके पर क्षेत्र के युवाओं, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय परिसर के कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बढ़ चढ़कर भाग लेते हुए 50 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदाताओं ने जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
रक्तदान शिविर में बक्सवाहा न्यायालय के न्यायाधीश परवेज आलम की प्रेरणादायी सहभागिता भी देखने को मिली। उनके आह्वान पर तहसीलदार सुनील केवट ने न्यायालय परिसर से पहुंचकर रक्तदान किया। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजेश बिल्थरे ने बताया की इस अभियान में अधिवक्ताओं, पक्षकारों और न्यायालय के कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर रक्तदान कर समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन किया।
इस आयोजन में पीएम श्री स्कूल के शिक्षक गणेश प्रजापति की भी अहम भूमिका रही। उन्होंने लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ शिविर के समन्वय और व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
डॉ. सत्यम असाटी ने कहा कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में सहायक हो सकती है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है। शिविर के सफल आयोजन में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, लैब टैक्नीशीयनों और अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।-