दो करोड़ में बना स्टॉप डेम क्षतिग्रस्त, पहली बारिश भी नहीं झेल पाया, कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
शिप्रा नदी पर दो करोड़ रूपये की लागत से बनाये गए स्टॉप डैम में भारी भ्रष्टाचार किया गया है। जो पहली ही बारिश नहीं झेल पाया और क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं अब इस पर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। मामला इंदौर के सांवेर विधानसभा के मकोडिया गांव से सामने आया है। जहां शिप्रा नदी पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम बनाया गया था। इसके क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य पर भ्रष्ट्राचार के आरोप लगाये।
सांवेर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने स्टॉप डेम का निरीक्षण किया। साथ ही भाजपा सरकार के साथ जल संसाधन विभाग पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बना स्टॉप डैम पहली बारिश में भी नहीं टिक पाया। जो निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यह सिर्फ एक डैम नहीं टूटा, बल्कि भाजपा सरकार के विकास मॉडल की पोल खुल गई है। उन्होंने मंत्री तुलसीराम सिलावट से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की। कांग्रेस का आरोप है की क्षेत्र में बनाए गए कई स्टॉप डैम कमीशनखोरी का माध्यम बन गए हैं। जनता के पैसे की बर्बादी की गई है। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।------