सागर- गड्ढा बना जा-नलेवा, घोड़े की 19 हड्डियां टूटी और चली गई जा-न, निगम पर लापरवाही के आरोप !
सागर के तीली क्षेत्र स्थित गिरधारी पुरम रोड पर बीते करीब दस दिन पहले एक घोड़ा हादसे का शिकार हो गया था। जिसके बाद उसका लगातार इलाज कराया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जबलपुर में उसकी जान चली गई। सागर में घोड़े का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। घोड़ा मालिक प्रदीप पटेल ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल पानी से भरे गड्ढे में पैर पड़ने से घोड़ा असंतुलित होकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी 19 हड्डियां टूट गयी थी। जिसका सागर में ही इलाज कराया गया। इसके बाद उसे जबलपुर रैफर किया गया था। लेकिन इलाज के दौरान उसे बचाया नहीं जा सका। वह परिवार के सदस्य की तरह था जिससे पूरा परिवार दुखी है।
बताया गया की शहर के तिली स्थित टेंपो तिराहा के पास गिरधारी पुरम रोड पर दूल्हे की राझ फिरने के दौरान ये पूरा घटनाक्रम हुआ था। बीच सड़क पर पानी से भरे गड्ढे में पैर फंसने से घोड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। तकरीबन 10 दिन तक उसका इलाज चला। लेकिन जबलपुर में उसने दम तोड़ दिया। जिसके बाद घोड़ा मालिक उसे सागर ले आये और पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया।
घोड़ा मालिक प्रदीप पटेल के मुताबिक बीते महीने 24 जून को वह दूल्हे की राझ लेकर गिरधारीपुरम रोड से गुजर रहे थे। बारिश के कारण सड़क पर बने गड्ढे में पानी भर गया था। जिससे वह दिखाई नहीं। जैसे ही घोड़े का पैर गड्ढे में पड़ा तो वह नीचे गिर गया। और गंभीर घायल हो गया। उसकी 19 जगह हड्डियां टूट गई थीं।
प्रदीप का कहना है की उन्होंने घोड़े को बचपन से परिवार के सदस्य की तरह पाला था। उसकी जान जाने से पूरा परिवार आहत है। परिजनों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा की शहर में जगह-जगह ऐसे जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं सड़क किसी निर्माण या पाइपलाइन कार्य के लिए खोदी गई थी तो वहां बैरिकेडिंग और चेतावनी के इंतजाम किए जाने जिससे इस तरह के हादसों से बचा जा सके।