सागर- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के लिए शुभचिंतकों का उमड़ा सैलाब, बोले जनता का प्यार ही मेरी ताकत
सागर जिले के गढ़ाकोटा में पूर्व मंत्री और प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव का जन्मदिन सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि जनसेवा, आस्था और सामाजिक सरोकारों का बड़ा उत्सव बन गया। हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थकों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान गोपाल भार्गव ने ऐसा संदेश दिया जिसने लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम केवल सड़क, पुल और भवन बनवाना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना भी है।
गढ़ाकोटा के जगन्नाथ स्वामी मंदिर परिसर में मणि द्वीप दिव्य लोक निर्माण के तहत चल रही कथा और धार्मिक अनुष्ठान का समापन भंडारा प्रसादी के साथ हुआ। इसी दौरान गोपाल भार्गव का जन्मदिन भी उत्साह और सादगी के साथ मनाया गया। सागर, बुंदेलखंड और प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। दिनभर लोगों ने पुष्पगुच्छ और माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। समर्थकों ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन और क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की सराहना की। अपने संबोधन में गोपाल भार्गव भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता का प्रेम और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बताया कि एक ओर उनकी नातिन का दिल का ऑपरेशन हुआ है और पत्नी भी अस्वस्थ हैं, लेकिन जनता के स्नेह ने उन्हें नई ऊर्जा दी है।
उधर कटनी में भी उनके जन्मदिवस को सेवा दिवस की तरह मनाया गया। नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाया गया, मरीजों और जरूरतमंदों को फल वितरित किए गए और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। करीब 196 लोगों की आंखों की जांच कर उन्हें मुफ्त दवाइयां और चश्मे भी दिए गए। शाम को सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन के साथ धार्मिक माहौल भी देखने को मिला। एक तरफ आस्था, दूसरी तरफ सेवा और तीसरी तरफ जनसंपर्क... गोपाल भार्गव का जन्मदिन इस बार एक सामाजिक संदेश छोड़ गया कि राजनीति केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाज से जुड़ाव का माध्यम भी है।
इस अवसर पर कटनी शहर के प्रथम महापौर विजेंद्र मिश्र राजा भैया ने पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भार्गव जनसेवा के प्रति समर्पित, सरल एवं संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की जनता उन्हें अपना मसीहा मानती है। वर्षों के राजनीतिक अनुभव और विकासोन्मुखी सोच के बल पर उन्होंने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना का प्रेरणास्रोत है।