जेल में बंद कैदी की संदिग्ध जान चली गई, परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप ! | SAGAR TV NEWS
मारपीट के मामले में जेल में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चले जाने का मामला सामने आया है। जिसके बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा की युवक को समय पर इलाज नहीं मिल सका जिससे उसकी जान चली गयी। वहीं इस मामले में जेल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी है। मामला एमपी के सीहोर जिला जेल का है।
बताया जा रहा है की जेल में सुबह के समय मारपीट के मामले में बंद कैदी की जान गई। जिसकी पहचान श्रीराम वर्मा के रूप में हुई। हाल ही में इच्छावर क्षेत्र के एक गांव में हुए हिंसक विवाद के बाद वह जेल में बंद था। कैदी की जान जाने के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
अस्पताल पहुंचे परिजनों ने जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है की श्रीराम की तबीयत खराब होने के बावजूद जेल प्रबंधन ने उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया नहीं कराया। आरोप है की लापरवाही की वजह से उसकी जान गई।
दरअसल यह पूरा मामला इच्छावर के कालापीपल गांव में हुए एक पुराने जमीनी विवाद से जुड़ा है। बीते दो महीनों पहले 26 अप्रैल की शाम खेत पर मोटर चालू करने की बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। फरियादी नेपाल वर्मा की शिकायत के मुताबिक आरोपी मनोज वर्मा और अनार सिंह वर्मा ने उसके भाई अनूप सिंह के साथ गाली-गलौज कर हमला किया था।
पीड़ित परिवार बीच-बचाव करने बाहर आया। विवाद में श्रीराम वर्मा, सीता बाई और दुर्गाप्रसाद भी शामिल हो गए। इस दौरान अनार सिंह ने चाकू से हमला कर कैलाश वर्मा को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वहीं अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा था। फरियादी नेपाल वर्मा की शिकायत पर अनार सिंह, मनोज, सीता बाई, दुर्गाप्रसाद और मृतक श्रीराम वर्मा के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था।
फिलहाल मामले में न्यायिक जांच के बाद ही जान जाने के असल कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस की जांच जारी है।