CM मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश बेनकाब, जमीन के सारे आरोप निकले झूठे

 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बढ़ती लोकप्रियता और विकासकामी छवि से बौखलाई कांग्रेस खुद अपने ही बुने जाल में फंसती नजर आ रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए भूमि घोटाले के तमाम आरोप पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और एक राजनीतिक साजिश साबित हुए हैं। भाजपा ने साफ कर दिया है कि जनता कांग्रेस के इस घटिया षड्यंत्र को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। बुधवार मध्यप्रदेश के भोपाल में को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि हनन की राजनीति करार दिया।

 

 

 

और कहा कि कांग्रेस हमारी लोकप्रिय सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि धूमिल करने का निरंतर प्रयास कर रही है। सभी आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं। मैं इनका पूर्ण खंडन करता हूँ.. दरअसल राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बढ़ते राजनीतिक कद और पिछड़े वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में भारी बौखलाहट है। विपक्ष के पास विकास के मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए वे अनर्गल आरोपों का सहारा ले रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि डॉ. मोहन यादव को घेरने की कोशिश में जुटी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के पास खुद मुख्यमंत्री से कहीं ज्यादा जमीनें और संपत्तियां मौजूद हैं, जिससे अब जनता के बीच कांग्रेस की ही किरकिरी हो रही है।
आइए अब समझते हैं भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेजों के साथ कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश कैसे किया:

 

 

 

 


डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2023 के चुनावी नामांकन के दौरान जो 17 एकड़ भूमि घोषित की थी, उसमें आज तक एक इंच का भी बदलाव नहीं हुआ है।
सीएम की पत्नी सीमा यादव के नाम 12.29 एकड़ भूमि दर्ज है, जिसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
कांग्रेस जिस कंपनी को लेकर आरोप लगा रही है, डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2017 में ही उसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी के पास 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो अब घटकर 65 एकड़ रह गई है। इसमें मुख्यमंत्री की कोई भूमिका नहीं है।

 

 

 


मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम 16 एकड़ भूमि है, जिसमें पिता के सीएम बनने के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं, पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र से पूरी तरह बाहर है।
अब बाकि रहे रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोप जिनका मुख्यमंत्री या उनके परिवार से कोई लेना-देना नहीं है। वे अपने स्वतंत्र व्यवसाय और कार्य करने के लिए स्वतंत्र हैं।
खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से बहुत पहले की हैं।

 

 

 

 

 

दरअसल डॉ. मोहन यादव न केवल विपक्ष की आँखों की किरकिरी बने हुए हैं, बल्कि उनके तेजी से बढ़ते कद और प्रशासनिक पकड़ से राजनीति के कुछ अंदरूनी धड़े भी अचंभित और खफा हैं। एक पिछड़े वर्ग के साधारण परिवार से आकर प्रदेश के विकास की कमान संभालना और किसान कल्याण व औद्योगिक प्रगति के लिए दिन-रात काम करना, डॉ. यादव को विकास का प्रतीक बना चुका है। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस की इस हताशा भरी रणनीति का उल्टा असर होने जा रहा है। जनता सच्चाई को बहुत अच्छे से जानती है। इस फर्जी खबर के बेनकाब होने के बाद डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व को जनता का और अधिक मजबूत और सहानुभूतिपूर्ण समर्थन मिलना तय है, जबकि कांग्रेस एक बार फिर झूठे आरोपों की राजनीति के कारण बैकफुट पर आ गई है।


By - sagar tv news
24-Jun-2026

YOU MAY ALSO LIKE

POPULAR POSTS

बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप! 39 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, बड़े पैमाने पर तबादले
by sagar tv news , 21-Sep-2026
सागर में जहरीली शराब का कहर, 19 मौ तें, 112 मरीज भर्ती; 10 आरोपी गिरफ्तार | SAGAR TV NEWS |
by sagar tv news , 07-Sep-2026
Sagar-गुरुपूर्णिमा पर जरूर करे ये उपाय, बढ़ेगी बरकत करियर में मिलेगी तरक्की, जानें ज्योतिषाचार्य से
by sagar tv news , 28-Jul-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
Read More

Sagartvnews subscribe on youtube



NEWSLETTER

सागर टीवी न्यूज़ से सबसे पहले न्यूज़ लेने के लिए अभी अपना ईमेल डालें और सब्सक्राइब करें
Sagar TV News.