सागर- बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई! संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा निलंबित, तीन महीने की लापरवाही पड़ी भारी
सागर संभाग से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है, जहां काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए संभाग आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा एवं डेयरी विभाग को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि संयुक्त संचालक डॉ. कल्पना दीवान लगभग तीन महीनों तक अनियमित रूप से कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करा रही थीं।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि अनियमित उपस्थिति के बावजूद वेतन भी आहरित किया गया। वहीं उनके पर्यवेक्षण और अनुश्रवण की कमी के कारण सागर संभाग के अंतर्गत संचालित कई विभागीय योजनाओं की प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। बताया जा रहा है कि विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है।
इसी आधार पर संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने सख्त कदम उठाते हुए संयुक्त संचालक डॉ. कल्पना दीवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। प्रशासनिक स्तर पर इसे एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत मानी जा रही है कि कार्य के प्रति जवाबदेही और नियमितता बेहद जरूरी है। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद विभागीय गलियारों में हलचल तेज है। अब देखने वाली बात होगी कि आगे इस मामले में और क्या कदम उठाए जाते हैं।