Sagar - बम्हौरी बीका में सर्विस रोड का काम रूका मुआवजा नहीं मिला, मकान तोड़ने से रोका
सगार के नेशनल हाईवे 44 पर स्थित बम्हौरी बीका चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सर्विस रोड का काम एक बार फिर रूक गया है। प्रशासन द्वारा 9 जून को मकान तोड़ने की कार्रवाई के बाद अब आदिवासी परिवारों ने मुआवजे की मांग को लेकर सख्त रुख अपना लिया है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि जब तक उनके खाते में मुआवजा राशि जमा नहीं होगी, वे अपने आशियाने नहीं टूटने देंगे। आदिवासी समाज के गोपाल सिंह और जगत सिंह ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के लिए अवार्ड 6 जून को पारित हो चुका है, लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी उनके बैंक खातों में एक पैसा नहीं पहुंचा है। 9 जून को प्रशासन ने कुछ हिस्सा मकानों का तोड़ा लेकिन जब 10 जून को प्रशासन की टीम मशीन लेकर आई तो हमने मकान तोड़ने से मना किया और मशीनें लौटा दीं।
फिलहाल मकानों के अधूरी स्थिति में टूटे होने और मलबा न हटने के कारण सर्विस रोड अधूरी होने से सागर से रहली और जबलपुर जाने वाले राहगीरों को दिक्कत हो रही है
बम्हौरी बीका में तैयार ओवरब्रिज के अंडरपास से होकर सागर-रहली मार्ग पर पहुंचने एनएचएआई को सर्विस रोड बनाना है। करीब 11 मीटर चौड़ी सड़क को तोड़ने के लिए खसरा नंबर 15/1, 15/3 के कुल 0.37 हेक्टेयर में से एनएचएआई ने 0.06 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है।
सागर तहसीलदार राहुल गौड़ का कहना है कि कई लोगों के बैंक खाते अब तक नहीं मिले। उपलब्ध होते ही 3 से 4 दिन में लोगों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद मकानों को हटाने का काम पूरा किया जाएगा।