जेके सीमेंट के खिलाफ फूटा गुस्सा! घंटा-थाली बजाकर सड़क पर उतरे युवा, तहसील कार्यालय बना रणक्षेत्र
मध्य प्रदेश के सागर संभाग के पन्ना जिले के शाहनगर में आज युवाओं और समाज सेवियों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। रोजगार, सुरक्षा और कथित अवैध उत्खनन को लेकर स्थानीय लोगों ने जेके सीमेंट प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। घंटा, घड़ियाल और थाली बजाते हुए प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शाहनगर तहसील मुख्यालय पर सुबह से ही विरोध का माहौल बना हुआ था। हाथों में घंटियां और थालियां लिए बड़ी संख्या में युवा और समाजसेवी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी सीधे तहसील कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पन्ना जिले में संचालित जेके सीमेंट सहित अन्य औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। योग्य और शिक्षित होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा, जबकि बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। समाजसेवी अंकित पाठक ने आरोप लगाया कि जेके सीमेंट में हुए हादसों की जांच रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों को दबाने की कोशिश की गई और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कोनी क्षेत्र में कथित अवैध खनन का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इसकी शिकायत कमिश्नर, कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक की जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। युवाओं ने मुख्यमंत्री के नाम 16 सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार हेमंत कुमार अवधिया को सौंपा।
नायब तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों तक भेजा जाएगा और स्थानीय स्तर की मांगों के समाधान का प्रयास किया जाएगा। शाहनगर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में पन्ना जिले में और बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।