सागर- मंत्री गोविंद सिंह ने गेहूं में मिट्टी मिली बोरियों के मामले में अधिकारी सस्पेंड, DSO हटाई गईं
सागर जिले में गेहूं की बोरियों में मिटटी मिलने के मामले में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बड़ा एक्शन लिया है, इसमें सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले प्रभार से हटा कर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। बता दे की बीते दिनों गेहूं खरीदी के दौरान गंभीरिया के लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभाकर हाउस में गंभीर अनियमितताओं और किसानों के हितों से खिलवाड़ का मामला सामने आया था, जहां गेहू की 600 से अधिक बोरियो में गेहू के साथ मिटटी पाई गई थी इसी मामले में ये कार्रवाई की गई है,
साथ ही मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा कलेक्टर को निर्देशित किया गया की खाद्य विभाग के अतिरिक्त उपार्जन के लिए जिम्मेदार अन्य विभाग के कर्मचारियों की घटना में भूमिका की जांच भी की जावे और दोषी होने पर उनके विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही की जाये। मंत्री राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपार्जन प्रक्रिया में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या समूह लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हाल ही में जिले के एक वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में कुछ बोरियों में गड़बड़ी दिखाई दी थी,बोरियों में गेहूं के स्थान पर अत्यधिक मात्रा में मिट्टी पाए जाने की पुष्टि हुई। जानकारी के अनुसार कुछ बोरियों में मिट्टी की अधिक मात्रा पाई गई। मंत्री राजपूत के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया। इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है
मंत्री राजपूत ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। गेहूं खरीदी में हुई गड़बड़ी अत्यंत गंभीर मामला है। मैंने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कदम उठाए हैं। जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है