डेढ़ साल के मासूम को लेकर भटकते रहे परिजन, अस्पताल में डॉ. न मिलने से गई जान !
एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे को करंट लग गया। उसकी हालत गंभीर थी। परिजन उसे लेकर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे आखिर में सामुदायिक अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां समय पर डॉक्टर ही नहीं मिले। और आखिरकार मासूम की जान चली गयी। जिसके बाद से परिजनों का बुरा हाल है। आरोप है की अस्पताल में डॉक्टर समय पर मौजूद नहीं रहते हैं। वक़्त पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच सकती थी। मामला एमपी के डिंडौरी जिले से सामने आया है। जहां सामुदायिक अस्पताल के डॉक्टर पर फिर एक बार इलाज में देरी के आरोप लग रहे हैं। परिजनों ने गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है की डेढ़ साल का बच्चा करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसका इलाज कराने लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। पहले बच्चे को बाहरपुर ले जाया गया। इसके बाद गोरखपुर और आखिर में सामुदायिक बजाग पहुंचाया गया। जब परिजन यहां पहुंचे तो आरोप की यहां उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला। आपात स्थिति के बावजूद इलाज में देरी हुई। बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
खबर लिखे जाने तक डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
सबसे बड़ा सवाल आखिर यही है की बच्चे की दुखद जान जाने का जिम्मेदार कौन है। क्या वाकई इलाज में देरी हुई थी। और अगर ऐसा है तो कार्यवाई किस पर होगी। या फिर मामला यूं ही रफा-दफा हो जायेगा।------