विश्व प्रसिद्ध भीमकुंड और नैनागिरी का रास्ता बदहाल ! ओवरलोड ट्रकों ने सड़कों को बनाया गड्ढों का जाल
विश्व प्रसिद्ध भीमकुंड धाम और जैन तीर्थ नैनागिरी धाम तक पहुंचने वाली सड़कें अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी हैं। रेत और गिट्टी से भरे ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही ने इन सड़कों को गहरे गड्ढों में तब्दील कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि तीर्थ यात्रियों से भरे वाहन हिचकोले खाने को मजबूर हैं,
जबकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर जोखिम भरा बन गया है। एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बक्सवाहा से भीमकुंड धाम और नैनागिरी धाम को जोड़ने वाले मार्गों पर दिन-रात भारी वाहनों का दबाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत और गिट्टी से भरे ओवरलोड ट्रक लगातार इन मार्गों से गुजर रहे हैं, जिससे सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है और कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
वाहन चालकों का कहना है कि सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि तीर्थ यात्रियों से भरे वाहन भी कई बार गड्ढों में फंस जाते हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। वहीं बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है और यहां एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ओवरलोड डंपरों की वजह से कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों को बार-बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत के सामने सागर रोड पर नगर परिषद द्वारा बनाए गए डिवाइडर भी तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत और ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। विश्व प्रसिद्ध भीमकुंड धाम और नैनागिरी जैसे आस्था केंद्रों तक पहुंचने वाले मार्गों की बदहाली अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। श्रद्धालु, स्थानीय निवासी और वाहन चालक सभी बेहतर सड़क और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और इन महत्वपूर्ण धार्मिक मार्गों को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।