Sagar -बस यात्रियों को लग सकता है झटका, किराया दोगुना नहीं तो यात्री बसों की होगी हड़ताल
सागर के निजी बस ऑपरेटर्स ने एक बार फिर स्टेज कैरिज बसों का किराया बढ़ाकर दोगुना करने की मांग करते हुए हड़ताल की चेतावनी दे दी है। बस संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, डीजल की कीमतों में वृद्धि और वाहनों के रखरखाव पर बढ़ते खर्च के कारण बस संचालन घाटे का सौदा बन गया है। हालत यह है कि कई संचालक अपनी बसों का नियमित मेंटेनेंस तक नहीं करा पा रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ने लगा है।
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि मई माह में डीजल के रेट 7.75 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं। वर्तमान स्थिति में हर रोज ऑपरेटर्स हजारों रुपए का घाटा उठा रहे हैं, यदि किराया नहीं बढ़ाया गया तो यह घाटा ज्यादा दिन नहीं झेल पाएंगे, मजबूरन उन्हें बसों का संचालन बंद करना पड़ेगा।
मप्र बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने हाल ही में प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और परिवहन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करते हुए पूरी स्थिति बताई थी। ऑपरेटर्स का कहना है कि साल 2021 में किराया निर्धारण के दौरान बस संचालकों ने 1.65 रुपए प्रति किमी. किराया निर्धारित करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने केवल 1.25 रुपए की दर मंजूर की। उस समय भी उनकी मांग के अनुरूप किराया नहीं बढ़ाया गया था और पिछले 5 सालों में लागत कई गुना बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में बसों का किराया कम है, जबकि यहां डीजल के साथ टैक्स ज्यादा है। ऑपरेटर्स ने सरकार से सामान्य बसों का न्यूनतम किराया पहले 5 किमी. के लिए 14 रुपए और इसके बाद 2.50 रुपए प्रति किमी. करने की मांग की है। ऑपरेटर्स का कहना है कि मंत्री ने एक सप्ताह में किराया निर्धारित करने का आश्वासन दिया है।
बस संचालकों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन आर्थिक दबाव के कारण वाहन रखरखाव पर असर पड़ रहा है। इससे सुरक्षित संचालन प्रभावित हो सकता है। एसोसिएशन ने चेतावनी भी दी है कि यदि 7 दिनों में किराया वृद्धि पर निर्णय नहीं लिया गया तो बस संचालक सामूहिक रूप से बसों का संचालन बंद कर हड़ताल करने पर मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि प्रदेशभर के हजारों बस ऑपरेटर्स लंबे समय से नुकसान झेल रहे हैं