CM मोहन यादव बोले मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब, इंदौर से दुनिया को संदेश !
मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका-कैरिबियन यानी LAC व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 ने मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अंतरराष्ट्रीय फोरम का शुभारंभ करते हुए दावा किया कि मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनकर उभरेगा। कार्यक्रम में 15 देशों के राजनयिकों, 350 से अधिक निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इंदौर के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित इस भव्य फोरम में लैटिन अमेरिका और कैरिबियन देशों के वरिष्ठ राजदूत, उच्चायुक्त, महावाणिज्यदूत और व्यापार विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश और LAC देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना तथा निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देना था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं की धरती है। राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और तेज प्रशासनिक प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
फोरम के दौरान भारत-LAC विशेष संस्करण का विमोचन किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसरों और निर्यात संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, पर्यटन और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। B2B और B2G बैठकों के जरिए निवेश समझौतों और व्यापारिक साझेदारियों की संभावनाओं को भी तलाशा गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में LAC देशों को मध्यप्रदेश से 4 हजार 186 करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-नागपुर, अटल प्रगति, नर्मदा और इंदौर-पिथमपुर जैसे औद्योगिक कॉरिडोर राज्य को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना रहे हैं।
भारत-LAC व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 केवल एक निवेश सम्मेलन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की वैश्विक आर्थिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस मंच के माध्यम से प्रदेश में नए निवेश आएंगे, उद्योगों का विस्तार होगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। मध्यप्रदेश अब तेजी से देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निर्यात केंद्रों में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।