सागर- किसान हत्या कांड में ऑडियो बम! चाचा, अभी JCB मत चलाओ... की गुहार के बाद हुई मौत और फिर!
सागर के अमावनी गांव में किसान नंदराम पटेल की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। दो ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। इन ऑडियो में पीड़ित परिवार के सदस्य कथित तौर पर कॉलोनाइजरों से जमीन पर जेसीबी न चलाने और सीमांकन पूरा होने तक इंतजार करने की गुहार लगाते सुनाई दे रहे हैं। अब इन ऑडियो के सामने आने के बाद न केवल कॉलोनाइजरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली भी चर्चा के केंद्र में आ गई है। मृतक किसान नंदराम पटेल के परिजनों का आरोप है कि उनकी चार एकड़ कृषि भूमि से लगी जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। कुछ समय पहले परिवार ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर भी की थी।
परिजनों के मुताबिक, जब कॉलोनाइजर जमीन की मेड़ पर जेसीबी मशीन से खुदाई करवा रहे थे, तब नंदराम पटेल के छोटे बेटे ने उन्हें "चाचा" कहकर संबोधित करते हुए अनुरोध किया था कि पहले सीमांकन और नक्शा आने दिया जाए। ऑडियो में वह यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि मेड़ पर लगे पेड़-पौधे बड़ी मेहनत से तैयार किए गए हैं, उन्हें नुकसान न पहुंचाया जाए। परिवार का दावा है कि कॉलोनाइजरों ने उनकी बात नहीं मानी और जेसीबी चलती रही। इसके बाद छोटे बेटे ने मोतीनगर थाना पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी भी दी, लेकिन आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
कुछ ही समय बाद जमीन विवाद को लेकर हुए विवाद में नंदराम पटेल के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने सागर-खुरई मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन अब बुजुर्ग की मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ दी गई है। मामले में कई आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शुरुआती शिकायतों और चेतावनियों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या नंदराम पटेल की जान बच सकती थी? वायरल ऑडियो और परिजनों के आरोपों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है, जिसकी गूंज अब पूरे शहर में सुनाई दे रही है।