चर्चित हनीट्रैप मामले में मोबाइल और अन्य डिवाइस भेजे गए फॉरेंसिक जांच के लिए, अब तक 7 को जेल
बीते दिनों इंदौर से चर्चित हनीट्रैप का मामला सामने आया था। जहां शराब कारोबारी से कथित ब्लैकमेलिंग के बाद ये मामला जबरदस्त चर्चाओं में आया। वहीं अब जांच लगातार आगे बढ़ रही है सात आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं वहीं दो अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद फिर से न्यायायिक जांच के लिए भेजा गया है। बता दें की इस मामले में जप्त हुए मोबाइल फोन और अन्य डिजीटल डिवाइस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। ताकि बातचीत और ब्लैकमेलिंग का खुलासा हो सके। फिलहाल पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बताया जा रहा है की इंदौर क्राइम ब्रांच इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि आरोपियों के बीच किस तरह की बातचीत हुई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है की क्या किसी प्रकार की रिकॉर्डिंग या ब्लैकमेलिंग की साजिश रची गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी श्वेता जैन का नाम पूर्व में भी इसी तरह के मामलों में जुड़ चुका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस मामले में भी वीडियो बनाकर दबाव बनाने या रकम वसूलने की कोशिश तो नहीं की गई। एक तरफ सोशल मीडिया पर तमाम तरह की बातें कही जा रही हैं। वहीं कई दावे भी किये जा रहे हैं। कथित वीडियो, पेनड्राइव और अन्य तथ्यों को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं हालांकि पुलिस ने साफ़ किया है कि अभी तक ऐसे किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल हर पहलु और हर एंगल से जांच की जा रही है।