प्राचार्य गिरफ्तार! शिकायत दबाने के लिए मांग रहा था 10 हजार, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा
लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शासकीय स्कूल के प्राचार्य को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी प्राचार्य एक निजी स्कूल के खिलाफ हुई शिकायत को खत्म करने के बदले 10 हजार रुपए की डिमांड कर रहा था। लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर उसे उसके ही कार्यालय में दबोच लिया। मामला एमपी के इंदौर के संयोगितागंज स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बालक क्रमांक-1 का है। यहां पदस्थ प्राचार्य और नोडल अधिकारी राजकुमार चलानी को लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कर गिरफ्तार किया।
जानकारी के मुताबिक फरियादी रवि जायसवाल, द इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के संचालक हैं। उनके स्कूल के खिलाफ एक छात्र के परिजनों ने टीसी नहीं दिए जाने की शिकायत की थी। बताया गया कि छात्र की करीब 1200 रुपए फीस बाकी थी, जिसके कारण स्कूल ने टीसी रोक दी थी। शिकायत की जांच के लिए प्राचार्य राजकुमार चलानी स्कूल पहुंचे थे। आरोप है कि जांच खत्म करने और शिकायत का निराकरण करने के बदले उन्होंने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। परेशान होकर स्कूल संचालक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से कर दी।
लोकायुक्त टीम ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने ट्रैप प्लान तैयार किया। आरोपी प्राचार्य ने फरियादी को अपने कार्यालय बुलाया और जैसे ही उसने 10 हजार रुपए लिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस आरोपी प्राचार्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई कर रही है। साथ ही मामले में आगे की जांच भी जारी है। इंदौर की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रिश्वतखोरी पर लगाम कसने के लिए लोकायुक्त लगातार सक्रिय है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और क्या खुलासे होते हैं।