सागर-दंपति की वजह से पूरा पुलिस प्रशासन हिल गया, 6 घंटे तक नाक में किया दम,टावर पर चढ़ गया था दंपति !
सागर में गुरुवार को एक दम्पति ने पुलिस की नाक में दम कर दिया। पीली कोठी के नजदीक टेकरी पर करीब 800 फ़ीट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर चढ़कर करीब 6 घंटे ढाई वोल्टेज ड्रामा किया गया। हैरानी की बात ये है की दोनों के साथ एक ढाई साल की छोटी बच्ची भी थी। मौके पर आर्मी की टीम भी पहुँच गयी थी। आसपास नेट भी लगाई गयी। दरअसल करीला क्षेत्र निवासी बलराम अहिरवार और उसकी पत्नी कृष्णा देवी ने मोतीनगर पुलिस पर झूठी एफआईआर दर्ज करने, पति से मारपीट कर मोबाइल और रुपए छीनने के अलावा जबरदस्ती सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने का आरोप लगाया।
थाना प्रभारी जसवंत राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए। दोनों उन्हें बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे। पत्नी का आरोप था की थाने के पूर्व एएसआई राकेश भट्ट की शिकायत की थी। जिसे वापस लेने का दबाव बनाया गया। वहीं दूसरी तरफ बलराम अहिरवार के खिलाफ जिस मामले में एफआईआर हुई है उसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। एसपी अनुराज सुजानिया की समझाइश और आश्वासन के बाद तकरीबन आठ बजे रात के समय दम्पति को सुरक्षित टावर से नीचे उतारा गया।
43 डिग्री पारे के बीच लोहे के तपते एंगल और ढाई साल की मासूम बच्ची को लेकर भी प्रशासन चिंतित था। हालांकि दम्पति अपने साथ खाने पीने का सामान साथ लेकर पहुंचे थे। दोनों करीब एक बजकर 40 मिनिट पर टावर पर पहुंचे थे जो देर शाम 7 बजकर 35 मिनिट पर नीचे उतरे। बलराम का आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया। वहीं जो वीडियो सामने आया उस पर बलराम का आरोप है कि मोतीनगर पुलिस ने उसके खिलाफ मारपीट के मामले में झूठी एफआईआर दर्ज की है। वह उसमें शामिल नहीं था। ऐसी जानकारी है की बलराम पर 4-5 अपराध दर्ज हैं। जबकि उसके भाई सूर्या उर्फ राकेश का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई थी।
बता दें की रेस्क्यू के लिए आर्मी बुलाई गई थी। टावर के चारों ओर नेट भी बिछाई गई थी। मौके पर भारी भीड़ भी जमा थी। बड़ी संख्या में प्रशासनिक अमला मौजूद था। लगातार युवक को समझाइश दी जा रही थी। एसपी उससे बातचीत भी कर रहे थे। आखिरकार आश्वासन के बाद दम्पति नीचे उतरे तब कहीं पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।------ एसपी अनुराग सुजानिया ने कहा की जो भी शिकायत है और सबूतों के आधार पर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाई की जायेगी।