सागर कलेक्टर ने अब साफ कहा कि लापरवाही नहीं चलेगी! जवाब देने में देरी पर अधिकारियों से वसूले जाएंगे 1000 रुपए
सागर जिले में अब सरकारी अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ने वाली है। समय पर जवाब नहीं देने वाले अधिकारियों पर सीधे जुर्माना लगाया जाएगा। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर न्यायालय से जुड़े मामलों में समय पर जवाब पेश नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी पर एक-एक हजार रुपए की पेनल्टी लगेगी। सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल बेहद सख्त नजर आईं। उन्होंने कहा कि सीएम मॉनिटरिंग, विभिन्न आयोगों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाए। किसी भी पत्र या शिकायत को पेंडिंग रखना अब अधिकारियों को महंगा पड़ सकता है।
कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि शिकायतों का सिर्फ कागजी निराकरण नहीं होना चाहिए, बल्कि संबंधित व्यक्ति से व्यक्तिगत संपर्क कर संतुष्टिपूर्ण समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। खास तौर पर सीएम हेल्पलाइन के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अवमानना से जुड़े मामलों पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में कोर्ट से जुड़े मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। सभी विभाग अपनी कार्यप्रणाली सुधारें और जिले की रैंकिंग बेहतर करने पर ध्यान दें।
इतना ही नहीं, कलेक्टर ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रीडर और न्यायालय से जुड़े कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में एक दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित होगी, जिसमें कोर्ट प्रक्रिया और जरूरी नियमों की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दो टूक कहा कि प्रशिक्षण के बाद भी यदि किसी न्यायालय में गलती पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही तहसीलदार और नायब तहसीलदार के आदेशों का पालन तय समय सीमा में करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सागर प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब अधिकारियों में हड़कंप मचना तय माना जा रहा है।
साथ ही कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जनगणना 2027 अंतर्गत मकान गणना का कार्य समय से पूर्व पूर्ण करने पर चार्ज अधिकारियों एवं तथ्यपूर्ण सही जानकारी प्रदान करने पर नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।