सागर-चनौआ ट्रक ब्लास्ट हादसे में घायल अरुण चौबे की मौ त, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया चक्काजाम
सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र में चनौआ विस्फोटक ट्रक हादसे ने एक बार फिर माहौल गरमा दिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल अरुण चौबे की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले चनौआ के पास विस्फोटक सामग्री से भरे ट्रक का हादसा हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल अरुण चौबे का सागर के बंसल अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन लगातार हालत गंभीर रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
जैसे ही अरुण चौबे की मौत की खबर गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए। चनौआ के पास पड़रिया क्षेत्र में लोगों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने, हादसे के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का आरोप था कि हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण न्याय मिलने में देरी हुई।
कुछ लोगों को बचाने के भी आरोप लगाए गए। स्थिति बिगड़ती देख गढ़ाकोटा पुलिस और तहसीलदार महेश दुबे मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। कई घंटों तक चले हंगामे और बातचीत के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त कराया गया और यातायात दोबारा शुरू हो सका। चनौआ हादसे के बाद अब अरुण चौबे की मौत ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। फिलहाल प्रशासन जांच और सहायता का भरोसा दे रहा है, लेकिन ग्रामीण दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।