मंडी में छुट्टी वाले दिन कौन सा दौरा करते हैं अधिकारी, किसान रहते हैं तब क्यों नहीं आते !
आखिर छुट्टी वाले दिन ही अधिकारी मंडी में क्यों निरीक्षण करने व्यवस्थाएं देखने को आते हैं। वह तब क्यों नहीं आते जब किसानों को समस्याएं होती हैं या जब अपनी उपज बेचने आते हैं। किसान संघ और कांग्रेस ने इस पर घोर आपत्ति जताते हुए विरोध जताया। समस्याओं के समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गयी। दरअसल एमपी के हरदा जिले के खिरकिया स्थित कृषि उपज मंडी में मंडी बोर्ड डी एस के दोबारा दौरे पर पहुंचे थे। लेकिन किसान संघ और कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा की अमावस्या की छट्टी वाले किसान मंडी नहीं आते हैं उसी दिन अधिकारी क्यों दौरा करते हैं उनका कहना था की पहले की समस्याओं का अब तक निराकरण नहीं किया गया मंडी व्यापारियों के हिसाब से चलती है। कृषि उपज मंडी समिति में किसानों ने आरोप लगाया कि यह अव्यवस्थाओं की मंडी है जहां शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती।
शनिवार और अमावस्या की छुट्टी को लेकर किसान संघ और कांग्रेसियों ने सवाल उठाया की जब अधिकारियों को मालूम था कि आज छुट्टी है तो दौरा क्यों किया। बताया गया की जब किसान मंडी में अपनी उपज बेचने आता है तब मंडी बोर्ड के अधिकारयों को आकर मंडी में व्यवस्थाओं को देखना था की किसानों को क्या-क्या व्यवस्थाएं मिलती हैं। आरोप है की अधिकारी छुट्टी वाले दिन अपना दौरा कर कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति कर चले जाते हैं जिसको लेकर किसान संघ में आक्रोश है उनका कहना है कि इस बार अगर मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने करवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। यह भी आरोप लगाया गया की मंडी में पानी, हवा, शेडों पर व्यापारियों का कब्जा समेत तौल कांटे पर ज्यादा शुल्क समेत तौल में फर्क की समस्या के साथ विश्राम ग्रह का लाभ भी किसानों को नहीं मिलता है।