अवैध शराब पर बड़ा प्रहार, SDM की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप, पुलिस-आबकारी पर उठे सवाल
एमपी के उमरिया जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बांधवगढ़ और पाली एसडीएम की ताबड़तोड़ कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब प्रशासनिक अधिकारी खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई कर सकते हैं, तो जिम्मेदार विभाग अब तक क्या कर रहे थे। कलेक्टर राखी सहाय के निर्देशन में बांधवगढ़ एसडीएम अम्बिकेश प्रताप सिंह ने फजिलगंज क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायत पर छापेमार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान पुरानी भट्टी क्षेत्र में दो कमरों में अवैध शराब का भंडारण और लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जा रही थी।
मौके से राजेश सिंह नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह बस स्टैंड स्थित भट्टी से शराब लाकर यहां बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है। वहीं पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने भी अवैध शराब के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। वीनस होटल, गुरुनानक होटल और नया बायपास स्थित कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर भारी मात्रा में शराब जब्त की गई। खास बात यह रही कि गुरुनानक होटल और वीनस होटल में लोगों को बैठाकर शराब पिलाते पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।
पाली में लगातार सख्त कार्रवाई के चलते एसडीएम मीनाक्षी बंजारे को लोग अब “लेडी सिंघम” कहकर बुलाने लगे हैं। इससे पहले भी उन्होंने अतिक्रमण, बकाया किराया और नियम विरुद्ध गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई की थी। इधर जिले में खुलेआम हो रही शराब सप्लाई को लेकर आबकारी विभाग और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव-गांव बिना नंबर की गाड़ियों से शराब पहुंचाई जा रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। पाली शराब दुकान में तय समय के बाद “इमरजेंसी खिड़की” से रातभर शराब बिक्री के आरोप भी चर्चा में हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस गश्त के बावजूद यह कारोबार आखिर कैसे चलता रहा।