Sagar- गर्भवती की मौत पर, एम्स डॉक्टरों से जांच की मांग, सीएमएचओ जांच पर उठे सवाल
सागर के मकरोनिया स्थित सेवा हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर शिवसेना ने स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों की विशेष टीम बनाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में शिवसेना पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाएं सागर संभाग के सहायक संचालक को ज्ञापन सौंपा। शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और सीएमएचओ स्तर की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
विकास सिंह ने कहा कि मृतक महिला स्वस्थ अवस्था में खुद बाइक पर बैठकर अस्पताल पहुंची थी। लेकिन भर्ती होने के कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्या के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी, फिर डॉक्टरों द्वारा गुटखा या सुपारी फंसने से मौत होने की बात क्यों कही जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिला की हालत गंभीर थी तो उसे समय रहते बड़े अस्पताल रेफर क्यों नहीं किया गया। शिवसेना ने आरोप लगाया कि सेवा हॉस्पिटल में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं की जाती हैं।
दरअसल, रहली निवासी 25 वर्षीय विद्या राय करीब डेढ़ माह की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि उसने गर्भपात से जुड़ी दवाइयां ली थीं, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। 4 मई को वह इलाज के लिए सेवा हॉस्पिटल पहुंची थी। इलाज के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। महिला के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रंग भी ले लिया है। शिवसेना ने मांग की है कि मामले की जांच एम्स के अनुभवी डॉक्टरों की स्वतंत्र टीम से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।