जेल पहुंचे जीतू पटवारी! केन-बेतवा परियोजना पर उठाए बड़े सवाल, बोले आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही
मध्यप्रदेश के सागर संभाग का पन्ना जिला इन दिनों राजनीतिक हलचल का बड़ा केंद्र बना हुआ है। केन-बेतवा परियोजना और विस्थापन के मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को पन्ना पहुंचे, जहां उन्होंने जेल में बंद किसान नेताओं और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने हक और न्याय की मांग कर रहे हैं, उन्हें जेल में डालकर आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
पटवारी ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा परियोजना के अस्तित्व और व्यवहारिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भौतिक रूप से सही नहीं है। उनका दावा है कि केन नदी का पानी बेतवा नदी में नहीं जा सकता और इसके लिए हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना की वजह से करीब तीन दर्जन गांव विस्थापित होंगे और टाइगर रिजर्व का बड़ा हिस्सा डूब क्षेत्र में आ जाएगा, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा।
मीडिया से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विस्थापितों से किए गए लंबे-चौड़े वादों का गला घोंटा जा रहा है। गरीब आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है और उन्हें बेघर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें गिरफ्तार करना लोकतंत्र के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी विस्थापित परिवारों और आंदोलनकारियों के साथ खड़ी है और उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी। पन्ना में लगातार बढ़ते विरोध और राजनीतिक बयानबाजी के बाद अब यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन और सरकार की नजर बनी हुई है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।