पंचायत सचिव 6 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दमोह में फिर लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप !
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को सागर लोकायुक्त टीम ने तेजगढ़ ग्राम पंचायत में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव जुगराज लोधी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, पंचायत सचिव प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जारी कराने के नाम पर हितग्राही महेंद्र कोष्ठी से रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान हितग्राही ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
जैसे ही पंचायत सचिव ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी सचिव से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि सागर लोकायुक्त की यह एक सप्ताह के भीतर दमोह जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले शिक्षा विभाग के एक बाबू को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने जिले में फैले भ्रष्टाचार की परतें खोलकर रख दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आम लोगों को रिश्वत देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पंचायत स्तर से लेकर अन्य विभागों तक भ्रष्टाचार चरम पर है। अब सवाल यह उठ रहा है कि लगातार हो रही लोकायुक्त कार्रवाइयों के बाद क्या जिले में भ्रष्टाचार पर लगाम लग पाएगी या फिर रिश्वतखोरी का यह खेल आगे भी जारी रहेगा।
वहीं हाल ही में जिले में नए कलेक्टर और एसपी ने पदभार संभाला है। ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कितनी सख्ती दिखाई जाती है। फिलहाल लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में हलचल बढ़ा दी है।