बारिश से पहले काम पूरा करने के निर्देश, सप्तसागर संवरेंगे, गहरीकरण-सौंदर्यीकरण तेज
एमपी के धार्मिक नगरी उज्जैन में सप्तसागर विकास कार्य अब तेजी पकड़ता नजर आ रहा है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने प्राचीन तालाबों के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी अधिकमास से पहले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप चल रहे इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख तालाब—गोवर्धन सागर, ऋषि तलाई, पुरुषोत्तम सागर और क्षीरसागर—का निरीक्षण किया गया। इन सभी स्थलों पर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गोवर्धन सागर में करीब 8.47 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें पानी की गुणवत्ता सुधार, बाउंड्री वॉल, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, लैंडस्कैपिंग और पौधारोपण जैसे कार्य शामिल हैं। आयुक्त ने साफ निर्देश दिए कि बारिश से पहले सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। ऋषि तलाई में गहरीकरण और गाद निकालने का कार्य जारी है। यहां भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने की बात कही गई है। पुरुषोत्तम सागर पर निगम आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ श्रमदान कर साफ-सफाई अभियान में हिस्सा लिया। यहां अमृत 2.0 योजना के तहत पाथवे, आकर्षक लाइटिंग और बाउंड्री वॉल निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं क्षीरसागर कुंड में नैनो डिफ्यूजर तकनीक से पानी की गुणवत्ता सुधारने का कार्य किया जा रहा है, जिससे ऑक्सीजन स्तर में वृद्धि हुई है। यहां फाउंटेन, पेंटिंग और स्वच्छता संदेशों के जरिए सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पीएचई विभाग और नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, उज्जैन के सप्तसागर न सिर्फ धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि अब इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है।