70 साल पुरानी बस्ती को हटाने का अल्टीमेटम, लोगों ने खोला मोर्चा,पूर्व मंत्री समेत अन्य बैठे धरने पर
प्रशासन द्वारा करीब 70 साल पुरानी बस्ती को हटाया जा रहा है लेकिन अब इस पर सियासत शुरू हो गयी है। एक तरफ जहां बस्ती के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी लोगों के समर्थन में उतर आये। वह अन्य लोगों के साथ धरने पर भी बैठे। मामला राजधानी भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पास से सामने आया है। वहीं इस दौरान जब लोग धरने पर बैठे थे तभी एक युवक टावर पर चढ़ गया जिसे पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतारा।
बता दें की करीब 70 साल पुरानी बस्ती को हटाने की कार्रवाई शनिवार से शुरू हो गई है। प्रशासन ने पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। चारों ओर बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। तो बस्ती के रहवासियों ने अपने घरों में ताला लगा दिया। साथ ही सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस को सौंप दी। प्रशासन की माने तो यहां रह रहे 27 परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में शिफ्ट किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जा सके। लेकिन झुग्गी को हटाए जाने के विरोध में शुक्रवार रात 27 परिवारों के साथ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा, स्थानीय पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता आसिफ जकी ने धरना प्रदर्शन किया।------
नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा की अगर प्रशासन ने जबरन कार्यवाई की तो सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जायेगा। वहीँ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी प्रशासन द्वारा कीजै रही इस कार्यवाई का विरोध करते हुए कहा की मामला कोर्ट में विचाराधीन है अगर फिर भी कार्यवाई की जाती है तो ये ठीक नहीं है।-