MP के 20 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड; फसलों को नुकसान की आशंका
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राजधानी भोपाल से लेकर ग्वालियर तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में लगातार मौसम बदल रहा है। मंगलवार सुबह भोपाल, छतरपुर, गुना, राजगढ़ और भिंड में बारिश दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर और आगर-मालवा में गरज-चमक के साथ ओले गिरे। ग्वालियर के भितरवार और आसपास के गांवों में ओलावृष्टि इतनी तेज रही कि खेतों और सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई।
ओलों की इस मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रबी की फसलें, खासकर गेहूं और चना, को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहे थे, अब ओलावृष्टि ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। दूसरी ओर, उज्जैन, इंदौर, धार और मुरैना के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता 30 से 50 मीटर तक पहुंच गई। सर्द हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। अगले तीन दिनों तक कोहरे का असर भी बना रहेगा। मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां आम लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर आया है। फसलों को हुए नुकसान का आंकलन अभी बाकी है, लेकिन आशंका है कि नुकसान बड़ा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग लगातार अलर्ट मोड पर हैं। किसानों को सतर्क रहने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। फिलहाल, आसमान के बदले तेवर ने पूरे प्रदेश में चिंता और राहत दोनों का माहौल बना दिया है।