अतिथि शिक्षकों का हल्लाबोल! 62 साल तक सेवा और 12 महीने अनुबंध की मांग, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज हजारों अतिथि शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार हल्लाबोल किया। आंबेडकर मैदान में जुटे प्रदेशभर के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। ‘स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले हुए इस आंदोलन में शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 18 वर्षों से कम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक न तो स्थायित्व मिला और न ही सामाजिक सुरक्षा। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में 62 वर्ष तक सेवाकाल, 12 महीने का वार्षिक अनुबंध और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था लागू करना शामिल है।
प्रदेश अध्यक्ष केसी पंवार ने बताया कि सरकार चुनाव के समय किए गए वादों से पीछे हट रही है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि भर्ती में बोनस अंक, स्थायी नीति और वार्षिक अनुबंध जैसे वादे अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि 30 अप्रैल के बाद करीब सवा लाख अतिथि शिक्षक बेरोजगार होने की कगार पर हैं, क्योंकि उनका अनुबंध समाप्त हो रहा है। आंदोलन के दौरान ई-अटेंडेंस सिस्टम की खामियों को भी उठाया गया। प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने बताया कि तकनीकी समस्याओं के कारण कई शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे उनका मानदेय कट जाता है।
वहीं, लंबे समय से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों ने अनुभव का उचित लाभ न मिलने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि 2008 से काम कर रहे शिक्षकों को भी पूरा अनुभव नहीं जोड़ा जा रहा। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इन शिक्षकों की मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला लेगी या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा। फिलहाल, भोपाल की सड़कों पर शिक्षकों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है।